औरंगजेब की तारीफ में कसीदे पढ़कर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने नए सियासी हंगामे को खड़ा कर दिया है. उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र से लेकर यूपी तक बवाल मचा हुआ है. महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर उनके पोस्टरों पर चप्पल और जूते मारे जा रहे हैं. कहीं, अबू आसिम आजमी मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं.
अबू आजमी ने कहा क्या था?
सबसे पहले आप ये जानिए कि अबू आजमी ने क्या कहा था…दरअसल, महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा था, ‘सारा गलत इतिहास दिखाया जा रहा है. औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए…औरंगजेब क्रूर नहीं था. मैं नहीं मानता कि औरंगजेब क्रूर था.’
अब आपको उस मुगल शासक औरंगजेब की कहानी बताते हैं जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है. इतिहासकारों के मुताबिक- औरंगजेब ने अपने शासन काल में इस्लामी शरिया कानून को आधार बनाते हुए कानून बनाए.
औरंगजेब के शासन में कानून
औरंगजेब गाने-बजाने को इस्लाम के खिलाफ मानता था.
इसलिए उसने अपने दरबार में भी संगीत पर बैन लगा दिया था.
औरंगजेब के कार्यकाल में हिंदुओं के घुड़सवारी पर प्रतिबंध था.
कोई भी हिंदू पालकी में नहीं बैठ सकता.
हिंदू हथियार नहीं रख सकते थे.
औरंगजेब ने हिंदुओं पर जजिया कर थोप दिया था.
औरंगजेब शराब को हराम मानता था.
औरंगजेब ने शराब पीने और शराब के कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया था.
औरंगजेब ने अफीम के कारोबार पर रोक लगा दी थी.
वैश्यावृत्ति जैसे कामों को भी औरंगजेब ने बंद करवा दिया था.
नियम तोड़ने वालों को मौत की सजा भी दे देता था औरंगजेब.
योगी आदित्यनाथ भड़क गए
अबू आजमी ने औरंगजेब का पक्ष लिया…तो महाराष्ट्र से यूपी तक सियासत गरमा गई. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा सत्र में समाजवादी पार्टी से मांग करते हुए कहा कि अबू आजमी को पार्टी से निकाला जाए…साथ ही साथ सीएम योगी ने अपने स्टाइल में कहा कि अबू आजमी को उत्तर प्रदेश भेज दो. उपचार हम कर देंगे.
अबू आजमी के खिलाफ एक्शन
औरंगजेब की साइड लेने वाले अबू आजमी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई हैं. साथ ही साथ उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया है. ये बजट सत्र 26 मार्च तक चलेगा. लेकिन अबू आजमी इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे. यहां तक की विधानसभा परिसर में भी उनकी एंट्री बैन कर दी गई है. हालांकि अबू आजमी में अपने खिलाफ हुई इस कार्यवाही को नाइंसाफी करार दिया.
